SHARAD - BY HEART
Poetry, Gazal, Shayari, Song, thought
Sunday, 27 June 2010
शायरी
लाखों में खुबसूरत आप थी, आपको ही पाने एक आस थी,
वोह आस भी टूट गयी, अब तो बस आपकी याद है,
याद क्यों आती है आपकी ? खुदा से यही फ़रियाद है.
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